Tempat singgah Nabi SAW; peristirahatan bani kinanah
Imam Bukhari : 3593
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ أَرَادَ حُنَيْنًا مَنْزِلُنَا غَدًا إِنْ شَاءَ اللَّهُ بِخَيْفِ بَنِي كِنَانَةَ حَيْثُ تَقَاسَمُوا عَلَى الْكُفْرِ
हमसे कहिन है [अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला] ने कहा, हमसे [इब्राहिम बिन साद] से [इब्न शिहाब] से [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] से [अबू हुरैरा] रदलियाल्लाहु अन्हू ने कहा है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब हुनैन के लड़ाई के लिए रवाना होवै वाले रहे तौ कहिन: 'हमरे ठहराव के जगह, भगवान करे, बनी किनानाह के विश्राम स्थल पर होई, उ जगह जहाँ उ लोग अविश्वास के ऊपर एक दूसरे से निष्ठा लिहिन'।