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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Sahnya haji anak kecil
Imam Malik : 839

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عُقْبَةَ عَنْ كُرَيْبٍ مَوْلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَرَّ بِامْرَأَةٍ وَهِيَ فِي مِحَفَّتِهَا فَقِيلَ لَهَا هَذَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخَذَتْ بِضَبْعَيْ صَبِيٍّ كَانَ مَعَهَا فَقَالَتْ أَلِهَذَا حَجٌّ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ نَعَمْ وَلَكِ أَجْرٌ

इ हमरा से मलिक से [इब्राहिम बिन उकबाह] से [कुरैब] अब्दुल्लाह बिन अब्बास के पूर्व गुलाम से, [इब्न अब्बास] से बतावल गईल बा कि, 'अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रसूलुल्लाह एगो महिला के पास से गुजरले, जवन कि उनुका जीवन में रहे, फिर महिला से कहले कि, 'ई अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रसूलुल्लाह हवे।' महिला तब अपना संगे रहे वाला छोट बच्चा के बांह पकड़ लेलस, फेर पूछली कि ए छोट बच्चा खाती हज करे के फर्ज बा, ए अल्लाह के रसूलुल्लाह? उ जवाब दिहले: 'हँ, आ तोहरा इनाम मिल जाई'।

हदीस :

Imam Ahmad : 1800, 2078, 2479, 3027, 3033
Imam Muslim : 2377, 2378, 2379
Imam Abu Dawud : 1475
Imam Tirmidzi : 847
Imam Nasa'i : 2597, 2598, 2599, 2600, 2601
Imam Ibnu Majah : 2901
Imam Malik : 839