Imam Bukhari : 3543
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ وَعُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي يَزِيدَ قَالَالَمْ يَكُنْ عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَوْلَ الْبَيْتِ حَائِطٌ كَانُوا يُصَلُّونَ حَوْلَ الْبَيْتِ حَتَّى كَانَ عُمَرُ فَبَنَى حَوْلَهُ حَائِطًا قَالَ عُبَيْدُ اللَّهِ جَدْرُهُ قَصِيرٌ فَبَنَاهُ ابْنُ الزُّبَيْرِ
हमसे कहिन है [अबू अन नूमान] हमसे [हम्मद बिन जैद] [अमरू बिन दीनार] से कहिन हैं अऊर [उबैदुल्लाह बिन अबू यजीद] दुइनौ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय बैतुल्लाह के चारों ओर बाड़ नाहीं रही। उ समय उइ मंदिर के चारों ओर प्रार्थना करत रहें जब तक कि जब उमर सत्ता मा नाहीं आए, तौ उइ ओकरे चारों ओर बाड़ लगा लिहिन। उबैदुल्लाह कहिन; 'जब ई बना रहा, तब बाड़ अबहियों छोट रही अऊर फिर ई अज़ जुबैर द्वारा उठावा गा रहा - जब उ सत्ता मा आवा रहा -।