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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Keteguhan dan keluhuran akhlak Hudzaifah RA memaafkan serta mendoakan ampunan atas terbunuhnya sang ayah (Al-Yaman) di Perang Uhud

Imam Bukhari : 3539

حَدَّثَنِي إِسْمَاعِيلُ بْنُ خَلِيلٍ أَخْبَرَنَا سَلَمَةُ بْنُ رَجَاءٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْلَمَّا كَانَ يَوْمُ أُحُدٍ هُزِمَ الْمُشْرِكُونَ هَزِيمَةً بَيِّنَةً فَصَاحَ إِبْلِيسُ أَيْ عِبَادَ اللَّهِ أُخْرَاكُمْ فَرَجَعَتْ أُولَاهُمْ عَلَى أُخْرَاهُمْ فَاجْتَلَدَتْ أُخْرَاهُمْ فَنَظَرَ حُذَيْفَةُ فَإِذَا هُوَ بِأَبِيهِ فَنَادَى أَيْ عِبَادَ اللَّهِ أَبِي أَبِي فَقَالَتْ فَوَاللَّهِ مَا احْتَجَزُوا حَتَّى قَتَلُوهُ فَقَالَ حُذَيْفَةُ غَفَرَ اللَّهُ لَكُمْ قَالَ أَبِي فَوَاللَّهِ مَا زَالَتْ فِي حُذَيْفَةَ مِنْهَا بَقِيَّةُ خَيْرٍ حَتَّى لَقِيَ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ

हमका बतावा है [इस्माइल बिन खलील] हमका [सलामा बिन राजा'] से [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्या रदलियाहु अन्हा] से कहिन है; 'उहुद के लड़ाई के दौरान, मुशरिकिन का बहुत भारी हार का सामना करै का पड़ा अऊर शैतान चिल्लाया, हे अल्लाह के सेवक, अपने पिछवाड़े का देखत रहौ।' यहिसे आगे के सैनिक पीछे के सैनिकन के पास लौटि गें अऊर पीछे के सैनिकन के खिलाफ लड़िन - जेकरे परिणामस्वरूप मुसलमानन के बीच लड़ाई होइ -। हुजैफा लड़ाई देखत रहा अऊर पता चला कि उ आपन पिता -अल यमन- का देखिस, तौ उ चिल्लाइस, 'हे अल्लाह के सेवकन - उ मुस्लिम सैनिकन का इशारा करत है-, उ हमार पिता है, उ हमार पिता है'। ऐसिया रदलियाल्लाहु अन्हा ने कहा; 'अल्लाह के कसम, सैनिकन का तब तक ओकर परवाह नाहीं रही जब तक कि उइ ओकरे पिता का नाहीं मारिन'। हुजइफा कहिन; 'अल्लाह तोहका माफ करै'। मोर पिता, उर्वाह कहिन; 'अल्लाह के कसम, उ घटना के बाद से, हुजैफा का हमेशा अच्छाई मिली जब तक कि उ अल्लाह से नाहीं मिला - मर गवा-'।

Hadith Corroboration :

Imam Bukhari : 3047, 3539, 3758, 6175, 6375, 6382