Imam Malik : 167
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَزِيدَ بْنِ رُومَانَ أَنَّهُ قَالَ كُنْتُ أَؤُصَلِّ إِلَى جَانِبِ نَافِعِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍفَيَغْمِزُنِي فَأَفْتَحُ عَلَيْهِ وَنَحْنُ نُصَلِّي
मलिक से [यजीद बिन रुमान] से कहिन रहा; 'मैं [नफी' बिन जुबैर बिन मुथ'िम] के बगल मा प्रार्थना किहिन। उ मोहि इशारा किहिन -ताकि मैं ओकर पढ़ाई का सही करौं-। हम प्रार्थना करत रहेन, तबहूँ हम उनके पढ़ाई का सही किहेन।'