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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Malik : 75

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ قَالَمَا تَرَوْنَ فِيمَنْ غَلَبَهُ الدَّمُ مِنْ رُعَافٍ فَلَمْ يَنْقَطِعْ عَنْهُ قَالَ مَالِك قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ ثُمَّ قَالَ سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ أَرَى أَنْ يُومِئَ بِرَأْسِهِ إِيمَاءًقَالَ يَحْيَى قَالَ مَالِك وَذَلِكَ أَحَبُّ مَا سَمِعْتُ إِلَيَّ فِي ذَلِكَ

ई [यह्या बिन सईद] से मलिक से मुझसे संबंधित रहा है कि [सईद बिन मुसैयब] ने पूछा; 'तुम का सोचत हौ कि केहू नाक से खून बहै के कारन खून से लथपथ होइ जात है अऊर ऊ खून बहत रहत है,' मलिक कहिन, याह्या बिन सईद कहिन; सईद बिन मुसैयब ने कहा; 'हम राय का हई; ओका अपने सिर से संकेत करै का चाही'। याह्या कहिन, मलिक कहिन; 'यह सबसे अच्छी राय है जो हमने इस मामले म सुनी है'।