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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Tanah itu suci dan tidak najis tanah dapat dipakai sujud dan untuk bersuci atau tayamum

Imam Bukhari : 323

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سِنَانٍ هُوَ الْعَوَقِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ قَالَ ح و حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ النَّضْرِ قَالَ أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ قَالَ أَخْبَرَنَا سَيَّارٌ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ هُوَ ابْنُ صُهَيْبٍ الْفَقِيرُ قَالَ أَخْبَرَنَا جَابِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أُعْطِيتُ خَمْسًا لَمْ يُعْطَهُنَّ أَحَدٌ قَبْلِي نُصِرْتُ بِالرُّعْبِ مَسِيرَةَ شَهْرٍ وَجُعِلَتْ لِي الْأَرْضُ مَسْجِدًا وَطَهُورًا فَأَيُّمَا رَجُلٍ مِنْ أُمَّتِي أَدْرَكَتْهُ الصَّلَاةُ فَلْيُصَلِّ وَأُحِلَّتْ لِي الْمَغَانِمُ وَلَمْ تَحِلَّ لِأَحَدٍ قَبْلِي وَأُعْطِيتُ الشَّفَاعَةَ وَكَانَ النَّبِيُّ يُبْعَثُ إِلَى قَوْمِهِ خَاصَّةً وَبُعِثْتُ إِلَى النَّاسِ عَامَّةً

हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन सिनान] - अर्थात् अल 'अवाकी - हमसे कहिस है [हुसैम] कहिन। -दूसरे तरीका से ई कहा गा है- मोका बतावा है [सैद बिन अन नदलर] कहिन, हमसे कहिन [हुसैम] कहिन, हमसे कहिन [सैयार] कहिन, हमसे कहिन [यजीद] -अर्थात इब्नू शुहैब अल फकीर- कहिन, हमसे कहिन [जाबिर बिन अब्दुल्ला] कि पैगम्बर सल्लाह वहुले अलैव अलैह ने पाँच चीजें कहिन: जउन मोसे पहिले केहू का नाहीं दीन गा रहा; अपने दुश्मनन के खिलाफ एक महीना के यात्रा के डर से मदद मिली, अऊर धरती का अपने लिए सजदा अऊर पवित्रता के स्थान बनाइन। त जहाँ भी मोर लोगन मा से कौनो प्रार्थना करै का समय पावत है, ओका प्रार्थना करै दे, ई मोर लिए युद्ध के लूट का हल बनावा जात है जेका मोर पहिले के लोगन के लिए कभी भी हल नाहीं बनावा गा रहा, मोका दीन जात है - मध्यस्थता का अधिकार, अऊर मोर पहिले के नबियन का विशेष रूप से ओनके लोगन के लिए भेजा गा रहा जबकि मैं सब मानव जाति के लिए भेजा गा रहा'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 2606, 13745, 18902, 20337, 20352, 20463
Imam Bukhari : 323, 419
Imam Muslim : 810
Imam Nasa'i : 429
Imam Darimi : 1353, 2358