Imam Bukhari : 3438
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ قَزَعَةَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْدَعَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاطِمَةَ ابْنَتَهُ فِي شَكْوَاهُ الَّذِي قُبِضَ فِيهَا فَسَارَّهَا بِشَيْءٍ فَبَكَتْ ثُمَّ دَعَاهَا فَسَارَّهَا فَضَحِكَتْ قَالَتْ فَسَأَلْتُهَا عَنْ ذَلِكَ فَقَالَتْ سَارَّنِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرَنِي أَنَّهُ يُقْبَضُ فِي وَجَعِهِ الَّذِي تُوُفِّيَ فِيهِ فَبَكَيْتُ ثُمَّ سَارَّنِي فَأَخْبَرَنِي أَنِّي أَوَّلُ أَهْلِ بَيْتِهِ أَتْبَعُهُ فَضَحِكْتُ
हमसे कहिन है [यह्या बिन काज़ाह] हमसे [इब्राहिम बिन साद] से [अपने पिता] से [उर्वाह] से [ऐस्या रदलियाहु अन्हा] कहिन हैं; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपनी बिटिया फातिमा का तब फोन किहिन जब उ एक बीमारी से पीड़ित रहीं जेहिसे उनकर मौत होइ गै। ऊ ओसे कुछ फुसफुसाइस फिर फातिमा रोय पड़ी। फिर उ ओका फिर से बोलाइन अऊर फिर से कुछ फुसफुसाए अऊर फिर उ हँसिन। ऐसिया रदलियाल्लाहु अन्हा ने कहा; 'त हम उनसे घटना के बारे मा पूछेन, फातिमा बताइन; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे कुछ फुसफुसाए अऊर मुझसे कहा कि उ अपनी बीमारी के बीच जल्द ही मर जइहैं तौ मैं यहिके कारण रोय पड़ी। फिर उ फिर से कुछ फुसफुसाए अऊर कहिन कि उनके मंदिर के लोगन मा मैं सबसे पहिले हौं जे उनके पीछे चलब, तौ मैं ई बात पर हँस पड़ौ।'