Rasulullah memiliki beberapa nama: Muhammad, Ahmad, Al-Mahi, Al-Hasyir, dan Al-'Aqib
Imam Bukhari : 3268
حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ قَالَ حَدَّثَنِي مَعْنٌ عَنْ مَالِكٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ عَنْ أَبِيهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِي خَمْسَةُ أَسْمَاءٍ أَنَا مُحَمَّدٌ وَأَحْمَدُ وَأَنَا الْمَاحِي الَّذِي يَمْحُو اللَّهُ بِي الْكُفْرَ وَأَنَا الْحَاشِرُ الَّذِي يُحْشَرُ النَّاسُ عَلَى قَدَمِي وَأَنَا الْعَاقِبُ
हमका बतावा है [इब्राहिम बिन अल मुंडज़िर] कहिन कि उ हमका [मान] से [मलिक] से [इब्न शिहाब] से [मुहम्मद बिन जुबैर बिन मुथ'इम] से [उनके पिता रदलियाअल्लाहु अन्हू] से कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मेरे पास पांच नाम हैं, मैं -1- हूं। मुहम्मद, -2-। अहमद, -3-। मैं अल माही भी हौं - मिटावे वाला -, जेकर मतलब है कि अल्लाह मोर मध्यस्थता से अविश्वास का मिटा देत है, -4-। मैं अल हसीर भी हौं - इकट्ठा करै वाला -, जेकर मतलब है कि लोग मोर गोड़न के नीचे इकट्ठा होइहैं अऊर मैं -5- अल अकिब भी हौं, जेकर मतलब है कि मोर बाद कौनो नबी नाहीं है।