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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 3146

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ النَّاسُ يَصْعَقُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَأَكُونُ أَوَّلَ مَنْ يُفِيقُ فَإِذَا أَنَا بِمُوسَى آخِذٌ بِقَائِمَةٍ مِنْ قَوَائِمِ الْعَرْشِ فَلَا أَدْرِي أَفَاقَ قَبْلِي أَمْ جُوزِيَ بِصَعْقَةِ الطُّورِ

हमसे कहा गा है [मुहम्मद बिन यूसुफ] हमसे [सुफयान] से [अमरू बिन यह्या] से [अपने पिता] से [अबू सईद रदलीअल्लाहु अन्हू] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन है: 'सब मनुष्य क़ियामत के दिन मर जइहैं तब मैं पहला व्यक्ति बन गयौं - ई महसूस करै के लिए वापस लावा गा रहा कि ई सामने लावा गा रहा मोर पैगम्बर मूसा अलैहिसलाम रहे जे अर्श स्तंभ के एक स्तंभ का पकड़े रहे। हम नाहीं जानित कि का उ पहिले एहसास किहिन - जीवन मा वापस लावा गा रहा - हमसे पहिले, या का उ ओन लोगन में से एक रहे जे कियामत के दिन के उथल-पुथल के दौरान मौत से बाहर रहे।