Hukum mandi besar: jika seseorang duduk di antara empat anggota badan istrinya, maka wajib baginya mandi
Imam Bukhari : 282
حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ فَضَالَةَ قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ ح و حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ عَنْ هِشَامٍ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ أَبِي رَافِعٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا جَلَسَ بَيْنَ شُعَبِهَا الْأَرْبَعِ ثُمَّ جَهَدَهَا فَقَدْ وَجَبَ الْغَسْلُتَابَعَهُ عَمْرُو بْنُ مَرْزُوقٍ عَنْ شُعْبَةَ مِثْلَهُ وَقَالَ مُوسَى حَدَّثَنَا أَبَانُ قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ مِثْلَهُ
हमसे कहिन है [मुआदज बिन फदलालाह] कहिन, हमसे कहिन हैं [हिशम]। -एक अउर तरीका से ई बतावा गा है- हमका [अबू नुएम] से [हिस्याम] से [कतदाह] से [अल हसन] से [अबू रफी'] से [अबू हुरैरा] पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन है, उ कहिन: 'अगर केहू अपने शरीर के चार अंगन के बीच बैठत है, अऊर ई बारे मा गंभीर है, तौ ई ओकरे शरीर के लिए अनिवार्य है'। ई हदीस [अमरू बिन मर्जुक] द्वारा [स्यबाह] से हदीस के तरह पुष्टि कीन गै रही। अऊर [मूसा] कहिन, हमसे कहिन [अबान] कहिन, हमसे कहिन [कतदाह] हमका [अल हसन] बताइन हैं जइसे कि उ हदीस'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 6383, 6900, 8220, 8744, 9702, 10326, 10329, 21035, 23075, 23514, 23673, 23767, 23886, 24120, 24714, 24832, 25086
Imam Bukhari : 282
Imam Muslim : 522, 526, 527
Imam Abu Dawud : 186
Imam Tirmidzi : 101, 102
Imam Nasa'i : 191, 192
Imam Ibnu Majah : 600, 602, 603
Imam Malik : 92, 93, 94, 95, 96
Imam Darimi : 754