Imam Ibnu Majah : 3700
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُسْلِمٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سَابِطٍ عَنْ جَابِرٍ قَالَقُلْتُ كَيْفَ أَصْبَحْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِخَيْرٍ مِنْ رَجُلٍ لَمْ يُصْبِحْ صَائِمًا وَلَمْ يَعُدْ سَقِيمًا
हमसे कहिन है [अबू बकर] हमसे कहिन है [ईसा बिन यूनुस] से [अब्दुल्लाह बिन मुस्लिम] से [अब्दुर्रहमान बिन साबित] से [जाबिर] उ कहिन, 'आज सुबह का हाल है, हे अल्लाह के रसूल?' उ जवाब दिहिन: 'उ मनई से अच्छा है जे सुबह उपवास न रखत है अऊर बीमारन के पास न जात है'।