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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Membebaskan budak dan menikahinya mendapat dua pahala

Imam Bukhari : 2789

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ حَدَّثَنَا صَالِحُ بْنُ حَيٍّ أَبُو حَسَنٍ قَالَ سَمِعْتُ الشَّعْبِيَّ يَقُولُ حَدَّثَنِي أَبُو بُرْدَةَ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ ثَلَاثَةٌ يُؤْتَوْنَ أَجْرَهُمْ مَرَّتَيْنِ الرَّجُلُ تَكُونُ لَهُ الْأَمَةُ فَيُعَلِّمُهَا فَيُحْسِنُ تَعْلِيمَهَا وَيُؤَدِّبُهَا فَيُحْسِنُ أَدَبَهَا ثُمَّ يُعْتِقُهَا فَيَتَزَوَّجُهَا فَلَهُ أَجْرَانِ وَمُؤْمِنُ أَهْلِ الْكِتَابِ الَّذِي كَانَ مُؤْمِنًا ثُمَّ آمَنَ بِالنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَهُ أَجْرَانِ وَالْعَبْدُ الَّذِي يُؤَدِّي حَقَّ اللَّهِ وَيَنْصَحُ لِسَيِّدِهِثُمَّ قَالَ الشَّعْبِيُّ وَأَعْطَيْتُكَهَا بِغَيْرِ شَيْءٍ وَقَدْ كَانَ الرَّجُلُ يَرْحَلُ فِي أَهْوَنَ مِنْهَا إِلَى الْمَدِينَةِ

हमसे कहिस है [अली बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [सुफयान बिन उयैना] हमसे कहिस है [सालिह बिन हय्यी अबू हसन] कहिन है कि हम [अश-स्याबी] कहते सुनेन है हमका बताइस है [अबू बुरदह] कि उ [अपने पिता] का पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसलम से सुनिस है: तीन लोगन के समूह का पुरस्कृत कीन जाई: दुइ बार। -पहिला- एक मनई जेकरे पास एक गुलाम रही जहाँ उ ओका अच्छी पढ़ाई से पढ़ावत रहा फिर ओका अच्छी शिक्षा से पढ़ावत रहा फिर उ ओका आजाद करत रहा फिर ओसे शादी करत रहा। तौ ई मनई का दुई इनाम मिलत है। -दूसरा- किताब के लोगन मा से एक मोमिन जहाँ पहिले उ मोमिन रहा अऊर फिर उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मान लिहिस, तब ओका दुई इनाम मिली। अऊर - तीसरा - एक दास जवन अल्लाह के अधिकारन का पूरा करत है अऊर अपने मालिक के प्रति वफादार भी है'। तब अश-स्या'बीय ने कहा: 'मैंने उन्हें बिना जरा भी वापसी के तुमको दे दिया'। जेका उ ई दिहिन उ एक अइसन मनई रहा जे बहुत कमजोर हालत मा मदीना जात रहा।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 4476, 5523, 5991, 8022, 8856, 15502, 15914, 17106, 17148, 17153, 18711, 18743, 18880
Imam Bukhari : 95, 1373, 2358, 2360, 2361, 2362, 2363, 2364, 2365, 2366, 2789, 3190, 3875, 4693, 6383, 6805
Imam Muslim : 219, 3143, 3144, 3240, 3592, 4179
Imam Abu Dawud : 2604, 3103, 4501
Imam Tirmidzi : 1248
Imam Nasa'i : 2536, 3292, 5286
Imam Ibnu Majah : 1946, 2305
Imam Malik : 1554
Imam Darimi : 1595, 2146