Imam Ibnu Majah : 1212
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ شَبَّةَ بْنِ عَبِيدَةَ بْنِ زَيْدٍ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَلِيٍّ الْمُقَدَّمِيُّ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا صَلَّى أَحَدُكُمْ فَأَحْدَثَ فَلْيُمْسِكْ عَلَى أَنْفِهِ ثُمَّ لِيَنْصَرِفْحَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ قَيْسٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ
हमनी के बतावल गइल बा [उमर बिन शब्बाह बिन अबीदा बिन जैद] कहले बाड़न, हमनी के [उमर बिन अली अल मुकद्दमी] से [हिसियाम बिन उर्वाह] से [उनकर पिता] से [आइस्याह] से [अइस्याह] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतावल गइल बा, उ कहले बाड़न कि अगर रउरा में से केहू नमाज करे आ ओकरा बाद हदत बनावे, त ओकरा के आपन नाक पकड़े दीं आ... छुट्टी। ' हमनी के बतवले बाड़े [हरमाला बिन याह्या] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [अब्दुल्लाह बिन वहब] कहले बाड़े, हमनी के [उमर बिन कैस] से [हिसियाम बिन उरवाह] से [अपना पिता] से ['आइस्याह] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े जईसे कि हदीस में बा। ' 1999 में भइल रहे।