इमाम इब्नु माजा : 1086
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ زُهَيْرٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَطَبَ النَّاسَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَرَأَى عَلَيْهِمْ ثِيَابَ النِّمَارِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا عَلَى أَحَدِكُمْ إِنْ وَجَدَ سَعَةً أَنْ يَتَّخِذَ ثَوْبَيْنِ لِجُمُعَتِهِ سِوَى ثَوْبَيْ مِهْنَتِهِ
हमसे कहा है [मुहमद बिन यहिया] ने, हमसे कहा है [अमरू बिन अबू सलमा] ने [ज़ुहैर] से [हिसाम बिन उरवाह] से [अपने पिता] से ['ऐस्या] ने कहा, "शुक्रवार को पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने साथियों के सामने खुत्बा दे रहे थे, उन्होंने उन्हें ऊनी कपड़े पहने हुए देखा, तो उन्होंने कहा: "अगर आप में से किसी को काम के कपड़ों के अलावा शुक्रवार के लिए दो कपड़े लेना आसान लगे तो क्या मुश्किल होगा।"