Imam Bukhari : 2489
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ قَالَ حَدَّثَنِي الشَّعْبِيُّ أَنَّهُ سَمِعَ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا يَقُولُقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَثَلُ الْمُدْهِنِ فِي حُدُودِ اللَّهِ وَالْوَاقِعِ فِيهَا مَثَلُ قَوْمٍ اسْتَهَمُوا سَفِينَةً فَصَارَ بَعْضُهُمْ فِي أَسْفَلِهَا وَصَارَ بَعْضُهُمْ فِي أَعْلَاهَا فَكَانَ الَّذِي فِي أَسْفَلِهَا يَمُرُّونَ بِالْمَاءِ عَلَى الَّذِينَ فِي أَعْلَاهَا فَتَأَذَّوْا بِهِ فَأَخَذَ فَأْسًا فَجَعَلَ يَنْقُرُ أَسْفَلَ السَّفِينَةِ فَأَتَوْهُ فَقَالُوا مَا لَكَ قَالَ تَأَذَّيْتُمْ بِي وَلَا بُدَّ لِي مِنْ الْمَاءِ فَإِنْ أَخَذُوا عَلَى يَدَيْهِ أَنْجَوْهُ وَنَجَّوْا أَنْفُسَهُمْ وَإِنْ تَرَكُوهُ أَهْلَكُوهُ وَأَهْلَكُوا أَنْفُسَهُمْ
हमसे कहिन [उमर बिन हफश बिन घियात्स] हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] हमसे कहिन हैं [अल अमासी] कहिन, हमसे कहिन हैं [अश स्या'बीय] कि उ [अन नुमान बिन बसीर रदलियाअल्लाहु अनहुमा] कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है: 'अल्लाह के कानून का चुनौती देय वाले मनई अऊर जे ओमे हैं, ओनके दृष्टान्त एक अइसन मनई के समूह के तरह है, जे जहाज पर सफर करत हैं, फिर ओनमा से कुछ का नीचे अऊर कुछ का नाव के ऊपर जगह मिलत है। फिर जब मनई नाव के नीचे होत हैं, जब उ पीयै के लिए पानी ढूँढत हैं, तौ ओनका ऊपर के मनई के पास से गुजरै का परत है, जेहिसे ऊपर के मनई परेशान होत हैं। तब एक मनई जेका लावा गा रहा, जहाज के नीचे छेद करै के ताईं कुल्हाड़ी लइ लिहिस। सो ऊपर के लोग उसके पास आए और बोले : 'तुम का कर रहे हो?' नीचे वाला मनई कहिस: 'जब मोका पानी के जरूरत रही, तब तुम मोर वजह से परेशान रहेव'। तौ अगर ऊपर वाला मनई अपने हाथन से रोकत है तौ उइ वहि मनई का बचा लिहिन हैं अऊर खुद का बचा लिहिन हैं, लेकिन अगर उइ बस यहिका छोड़ दिहिन हैं तौ एकर मतलब है कि उइ वहि मनई का अऊर खुद का नष्ट कइ दिहिन हैं।'