इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 5392

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ وَهْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي حُيَيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيُّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَدْعُو بِهَؤُلَاءِ الْكَلِمَاتِ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ غَلَبَةِ الدَّيْنِ وَغَلَبَةِ الْعَدُوِّ وَشَمَاتَةِ الْأَعْدَاءِ

हमका [अहमद बिन अमरू बिन अस सरह] सूचित कइके उ कहिन; मोका [इब्न वाहब] बताइस है, उ कहिन; मोका [हुयाय बिन अब्दुल्ला] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अल आश] से [अबू अब्दुर्रहमान अल हुबुली] ने कहा है; 'अल्लाह के रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इस तरह के वाक्यन के साथ प्रार्थना करत रहें: 'अल्लाहुम्मा इन्नी अ'उदज़ु बीका मिन घलाबातिद दैनी वा घलाबातिद 'अदुववी वा स्यामततिल अदा -हे अल्लाह, मैं तुम्हार शरण लेत हउँ कर्ज बंधन, उत्पीड़न अऊर दुश्मन से खुशी-'।