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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Barangsiapa memiliki makanan cukup untuk dua orang hendaklah mengajak orang ketiga, dan yang cukup untuk empat hendaklah mengajak orang kelima atau keenam

Imam Bukhari : 2425

حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَكُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَلَاثِينَ وَمِائَةً فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلْ مَعَ أَحَدٍ مِنْكُمْ طَعَامٌ فَإِذَا مَعَ رَجُلٍ صَاعٌ مِنْ طَعَامٍ أَوْ نَحْوُهُ فَعُجِنَ ثُمَّ جَاءَ رَجُلٌ مُشْرِكٌ مُشْعَانٌّ طَوِيلٌ بِغَنَمٍ يَسُوقُهَا فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْعًا أَمْ عَطِيَّةً أَوْ قَالَ أَمْ هِبَةً قَالَ لَا بَلْ بَيْعٌ فَاشْتَرَى مِنْهُ شَاةً فَصُنِعَتْ وَأَمَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِسَوَادِ الْبَطْنِ أَنْ يُشْوَى وَايْمُ اللَّهِ مَا فِي الثَّلَاثِينَ وَالْمِائَةِ إِلَّا قَدْ حَزَّ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَهُ حُزَّةً مِنْ سَوَادِ بَطْنِهَا إِنْ كَانَ شَاهِدًا أَعْطَاهَا إِيَّاهُ وَإِنْ كَانَ غَائِبًا خَبَأَ لَهُ فَجَعَلَ مِنْهَا قَصْعَتَيْنِ فَأَكَلُوا أَجْمَعُونَ وَشَبِعْنَا فَفَضَلَتْ الْقَصْعَتَانِ فَحَمَلْنَاهُ عَلَى الْبَعِيرِ أَوْ كَمَا قَالَ

हमसे कहिन है [अबू अन नुमान] हमसे [अल मुतमीर बिन सुलेमान] से [अपने पिता] से [अबू उथमान] से [अब्दुर्रहमान बिन अबू बकर रदलियाअल्लाहु अनहुमा] से कहिन हैं; 'हम एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ रहेन - एक यात्रा पर - जेहिमा एक सौ तीस लोग रहे अऊर उ कहिन: 'का तुममें से केहू के पास खाना है?' तौ अगर एक शा'फूड या कुछ अइसने होय तौ आटा बनावा जात है। फिर एक बहुदेववादी आवा जेकर बाल लंबा रहा लेकिन एक बकरी का ढोवत थोड़ा गन्दा रहा जेका उ चरावत रहा। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'यह बकरी बिक्री के लिए है या तोहफा के लिए है?' या उ संपादकीय रूप से कहिन: 'या ई स्वीकार कीन गा रहा?' ऊ आदमी जवाब दिहिस: 'नहीं, लेकिन बिक्री के लिए'। तौ उ उनसे एक खरीदिन'। फिर बकरी पकाई गई और पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिगर बाँटने का आदेश दिया। अल्लाह के कसम, हममें से कौनो भी एक सौ तीस लोगन के संख्या नाहीं रहा लेकिन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बकरी के पेट के सामग्री से दिल के टुकड़ा दिहा गा रहा। अगर केहू मौजूद है, तौ देय का चाही, अऊर अगर नाहीं है, तौ वहिके लिए छोड़ दीन जात है। तौ ई दुइ बर्तन मा बनावा गा रहा, फिर उइ सब खा लिहिन अऊर हमका पेट भरा महसूस भवा अऊर अबहीं दुइ बर्तन बचे रहे अऊर हम ओनका ऊँट पर चढ़ा के लइ गयेन, या जइसे कि उ कहिन'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 1611, 1619, 1620, 7019, 8909, 13706, 13870, 14572, 22692
Imam Bukhari : 2425, 4963, 4973
Imam Muslim : 3831, 3832, 3833, 3834, 3835, 3836, 3837, 3838
Imam Tirmidzi : 1742, 1743, 2643
Imam Ibnu Majah : 3245, 3246
Imam Malik : 1452
Imam Darimi : 1955