Imam Nasa'i : 4684
أَخْبَرَنَا عِمْرَانُ بْنُ بَكَّارٍ قَالَ أَنْبَأَنَا أَحْمَدُ بْنُ خَالِدٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَمَّيْهِ سَلَمَةَ وَيَعْلَى ابْنَيْ أُمَيَّةَ قَالَاخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ وَمَعَنَا صَاحِبٌ لَنَا فَقَاتَلَ رَجُلًا مِنْ الْمُسْلِمِينَ فَعَضَّ الرَّجُلُ ذِرَاعَهُ فَجَذَبَهَا مِنْ فِيهِ فَطَرَحَ ثَنِيَّتَهُ فَأَتَى الرَّجُلُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَلْتَمِسُ الْعَقْلَ فَقَالَ يَنْطَلِقُ أَحَدُكُمْ إِلَى أَخِيهِ فَيَعَضُّهُ كَعَضِيضِ الْفَحْلِ ثُمَّ يَأْتِي يَطْلُبُ الْعَقْلَ لَا عَقْلَ لَهَا فَأَبْطَلَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे कहिन [इमरान बिन बक्कर] हमसे कहिन हैं [अहमद बिन खालिद] हमसे [मुहम्मद] ['अथो` बिन अबू रबाह] से [शफवान बिन अब्दुल्ला] से अपने दुई चाचा से कहिन हैं, अर्थात् [सलामा बिन उमय्याह] अऊर [य'ला बिन उमय्याह]। उइ कहिन; 'हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे तबुक के लड़ाई मा निकले रहेन अऊर हमरे साथे हमार एक दोस्त रहा। फिर उ एक मुसलमान से लड़ा अऊर उ व्यक्ति ओकर हाथ काट लिहिस अऊर फिर उ आपन हाथ आपन मुँह से खींच लिहिस अऊर आपन चीरा के दाँत निकाल लिहिस। फिर उ व्यक्ति रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास दीयात के उम्मीद करत आवा। फिर बोला: 'तुममें से एक अपने भाई के पास गया अऊर ओका नर के तरह काट लिहिस, फिर दियत माँगत आवा। दियत नाहीं है'। त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दीयात रद्द कर दिहिन।