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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Wala' (perwalian) adalah hak orang yang memerdekakan, dan syarat yang menyalahinya batal

Imam Nasa'i : 4564

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ الْقَاسِمِ قَالَ سَمِعْتُ الْقَاسِمَ يُحَدِّثُ عَنْ عَائِشَةَأَنَّهَا أَرَادَتْ أَنْ تَشْتَرِيَ بَرِيرَةَ لِلْعِتْقِ وَأَنَّهُمْ اشْتَرَطُوا وَلَاءَهَا فَذَكَرَتْ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اشْتَرِيهَا فَأَعْتِقِيهَا فَإِنَّ الْوَلَاءَ لِمَنْ أَعْتَقَ وَأُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِلَحْمٍ فَقِيلَ هَذَا تُصُدِّقَ بِهِ عَلَى بَرِيرَةَ فَقَالَ هُوَ لَهَا صَدَقَةٌ وَلَنَا هَدِيَّةٌ وَخُيِّرَتْ

हमका [मुहम्मद बिन बसिसियार] सूचित कइके, उ कहिन; हमका [मुहम्मद] बताइस है, उ कहिन; हमका [शुबा] बताइस है, उ कहिन; हमसे [अब्दुर रहमान बिन अल कासिम] बताइन हैं, उ कहिन; हम [अल कासिम] का [ऐसिया] से कहत सुने रहेन कि उ बरिराह का आजाद करै के लिए खरीदै चाहत रहे। अऊर ओनका ओकरे संरक्षकता के जरूरत रही, फिर ऐसिया रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ई बात व्यक्त किहिन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'ओका खरीदौ अऊर ओका आजाद करा, बेशक संरक्षक ओनके लिए है जे ओका आजाद करावा।' और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को मांस दिया गया और फिर कहा; ई मांस बरिरा के दान मा दीन जात है। फिर कहिन: 'वह उनके लिए अऊर हमरे लिए दान के रूप में भिक्षा है'। तब बरिराह का चुनै का कहा गा।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 2411, 3231, 4586, 4623, 5501, 5659, 6031, 6127, 6163, 22924, 23021, 23057, 23381, 23580, 23695, 23749, 23882, 24123, 24198, 24224, 24255, 24280, 24294, 24357, 24388, 25130
Imam Bukhari : 1398, 2010, 2011, 2023, 2024, 2351, 2373, 2374, 2375, 2376, 2390, 2516, 2524, 2527, 4707, 4871, 4876, 5010, 6223, 6254, 6255, 6257, 6260, 6261, 6262
Imam Muslim : 2761, 2762, 2763, 2764, 2765, 2766, 2768, 2769
Imam Abu Dawud : 2526, 2527, 3428
Imam Tirmidzi : 2050
Imam Nasa'i : 2567, 3393, 3394, 3396, 3397, 3400, 4564, 4565, 4576, 4577
Imam Ibnu Majah : 2512
Imam Malik : 1028, 1275, 1276, 1277
Imam Darimi : 2187, 3029