Imam Nasa'i : 4563
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ الْأَسْوَدِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْاشْتَرَيْتُ بَرِيرَةَ فَاشْتَرَطَ أَهْلُهَا وَلَاءَهَا فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَعْتِقِيهَا فَإِنَّ الْوَلَاءَ لِمَنْ أَعْطَى الْوَرِقَ قَالَتْ فَأَعْتَقْتُهَا قَالَتْ فَدَعَاهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَخَيَّرَهَا مِنْ زَوْجِهَا فَاخْتَارَتْ نَفْسَهَا وَكَانَ زَوْجُهَا حُرًّا
हमका [कुतैबा बिन सैद] सूचित कइके, उ कहिन; हमका [जरीर] से [मंसूर] से [इब्राहिम] से [अल असवाद] से [ऐस्या] से बताइस है, उ कहिन; हम बरिराह खरीदेन फिर मालिक का ओकरे संरक्षकता के जरूरत रही। फिर हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ई कहिन अऊर उ कहिन: 'ओका आजाद करा, वास्तव मा संरक्षकता उ व्यक्ति के लिए है जे चाँदी देत है - खरीदार-'। आयशा कहिन; तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बरिरा का बोलावा अऊर ओका अपने पति के बारे मा एक विकल्प दिहिस, तौ उ खुद का चुनि लिहिस। वहि समय ओकर पति एक आजाद मनई रहा।