इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 4532

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ وَحُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ عَنْ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا أَيُّوبُ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَحِلُّ سَلَفٌ وَبَيْعٌ وَلَا شَرْطَانِ فِي بَيْعٍ وَلَا بَيْعُ مَا لَيْسَ عِنْدَكَ

हमका [अमरू बिन अली] अऊर [हुमैद बिन मसदह] का [यजीद] से सूचित कइके, उ कहिन; हमसे [अय्यूब] से [अमरू बिन स्यूआइब] से [अपने पिता] से [अपने दादा] से कहिन है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा है: 'यह शर्त पर खरीदना अऊर बेचना हलाल नाहीं है कि आपका कर्ज दीन जात है, साथ ही साथ खरीदारी अऊर बिक्री मा दुई शर्तें हैं जवन आपके पास नाहीं है'।