Imam Nasa'i : 4515
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ سُوَيْدِ بْنِ قَيْسٍ قَالَجَلَبْتُ أَنَا وَمَخْرَفَةُ الْعَبْدِيُّ بَزًّا مِنْ هَجَرَ فَأَتَانَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَنَحْنُ بِمِنًى وَوَزَّانٌ يَزِنُ بِالْأَجْرِ فَاشْتَرَى مِنَّا سَرَاوِيلَ فَقَالَ لِلْوَزَّانِ زِنْ وَأَرْجِحْ
हमसे कहिन [याकूब बिन इब्राहिम] हमसे [अब्दुर रहमान] से [सुफयान] से [सिमक] से [सुवैद बिन कैस] से कहिन हैं, उ कहिन; 'हम और मखरफह अल'अबदी हजर से रेशम का कपड़ा लाए, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरे पास आए जब हम मीना में रहे, और एक तौल करै वाला रहा जो ओका फीस मा तौलत रहा, फिर ऊ हमसे कुछ पतलून खरीदिस, फिर ऊ तौल करै वाले से कहिस: 'तौलौ अऊर जोड़ौ'।