Imam Nasa'i : 4343
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحَرَ بَعْضَ بُدْنِهِ بِيَدِهِ وَنَحَرَ بَعْضَهَا غَيْرُهُ
हम [मुहम्मद बिन सलामा] अऊर [अल हरिथ बिन मिस्किन] का इतिहास पढ़ के सूचित किहिन हैं, जब हम [इब्नू अल कासिम] से सुनेन, उ कहिन; ने मोका [मलिक] से [जाफर बिन मुहम्मद] से [अपने पिता] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से बतावा है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने दाहिने हाथ से अपनी बकरी का वध किहिन अऊर ओनमा से कुछ उनके अलावा वध कीन गा रहा।