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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 3718

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ عَنْ مُحَمَّدٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ الْأَشْعَثِ بْنِ سُلَيْمٍ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ سُوَيْدِ بْنِ مُقَرِّنٍ عَنْ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ قَالَأَمَرَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِسَبْعٍ أَمَرَنَا بِاتِّبَاعِ الْجَنَائِزِ وَعِيَادَةِ الْمَرِيضِ وَتَشْمِيتِ الْعَاطِسِ وَإِجَابَةِ الدَّاعِي وَنَصْرِ الْمَظْلُومِ وَإِبْرَارِ الْقَسَمِ وَرَدِّ السَّلَامِ

हमका [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] अऊर [मुहम्मद बिन बसिस्यार] अऊर [मुहम्मद] कहिन; हमका [स्यूबाह] से [अल अस्यात बिन सुलैम] से [मुआविया बिन सुवैद बिन मुकारिन] से [अल बारा बिन अजीब] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमका सात काम करै का आदेश दिहिन; लाश पहुँचावै, बीमार लोगन से मिलै, छींकै वाले लोगन का जवाब देब, आमंत्रित करै वाले लोगन का पूरा करब, उत्पीड़ित लोगन के मदद करब, साझा करत समय अच्छा करब अऊर अभिवादन लौटावै।