Imam Nasa'i : 3481
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي مَخْرَمَةُ عَنْ أَبِيهِ قَالَ سَمِعْتُ الْمُغِيرَةَ بْنَ الضَّحَّاكِ يَقُولُ حَدَّثَتْنِي أُمُّ حَكِيمٍ بِنْتُ أَسِيدٍ عَنْ أُمِّهَاأَنَّ زَوْجَهَا تُوُفِّيَ وَكَانَتْ تَشْتَكِي عَيْنَهَا فَتَكْتَحِلُ الْجَلَاءَ فَأَرْسَلَتْ مَوْلَاةً لَهَا إِلَى أُمِّ سَلَمَةَ فَسَأَلَتْهَا عَنْ كُحْلِ الْجَلَاءِ فَقَالَتْ لَا تَكْتَحِلُ إِلَّا مِنْ أَمْرٍ لَا بُدَّ مِنْهُ دَخَلَ عَلَيَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ تُوُفِّيَ أَبُو سَلَمَةَ وَقَدْ جَعَلْتُ عَلَى عَيْنِي صَبْرًا فَقَالَ مَا هَذَا يَا أُمَّ سَلَمَةَ قُلْتُ إِنَّمَا هُوَ صَبْرٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ لَيْسَ فِيهِ طِيبٌ قَالَ إِنَّهُ يَشُبُّ الْوَجْهَ فَلَا تَجْعَلِيهِ إِلَّا بِاللَّيْلِ وَلَا تَمْتَشِطِي بِالطِّيبِ وَلَا بِالْحِنَّاءِ فَإِنَّهُ خِضَابٌ قُلْتُ بِأَيِّ شَيْءٍ أَمْتَشِطُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِالسِّدْرِ تُغَلِّفِينَ بِهِ رَأْسَكِ
हमका बतावा गा है [अहमद बिन अमरू बिन अस सरह] कहिन; हमसे कहिन है [इब्न वाहब] कहिन; हमका [मखरमह] [अपने पिता] से रिपोर्ट किहिन है; हम [मुघिराह बिन अदल डलाहक] का कहत सुने रहेन; [उम्म हकीम बिन्त असिद] ने [अपनी माँ] से बताई, कि ओकर पति मर गवा अऊर उ आपन आँखिन के बारे मा शिकायत किहिन, एहसे उ आपन आँखिन पर कोहल लगाइन। यहिके बाद उ आपन दासी का [उम्म सलामा] के पास भेजिस कि उ ओसे आई शैडो के बारे मा पूछे। उम्म सलामा ने तब जवाब दिया, 'महत्वपूर्ण मामलन के अलावा आईलाइनर का उपयोग न करौ। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तब हमसे मिले जब अबू सलामा मर गए अऊर हम एक पेड़ के रस का इस्तेमाल किहे रहेन जवन हमार आँखिन मा कड़वा रहा, उ कहिन: 'ई का है, हे उम्म सलामा?' हम जवाब दिहेन, 'वह कड़वा पेड़ का रस है, हे अल्लाह के रसूल'। तब उ कहिन: 'वास्तव मा ई चेहरा का सुन्दर बनावत है, यहै कारन रात के अलावा ई न पहिरौ, अपने बालन का इत्र अऊर मेहंदी से न कंघी करौ, काहे से कि उहै रंग है'। हम तब पूछेन, 'तब हम का कंघी करित है, हे अल्लाह के रसूल? ऊ जवाब दिहिस: 'बिदारा के पत्तन से आपन माथा अभिषेक करा'।