Imam Nasa'i : 3330
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ قَالَدَخَلْتُ عَلَى قُرَظَةَ بْنِ كَعْبٍ وَأَبِي مَسْعُودٍ الْأَنْصَارِيِّ فِي عُرْسٍ وَإِذَا جَوَارٍ يُغَنِّينَ فَقُلْتُ أَنْتُمَا صَاحِبَا رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمِنْ أَهْلِ بَدْرٍ يُفْعَلُ هَذَا عِنْدَكُمْ فَقَالَ اجْلِسْ إِنْ شِئْتَ فَاسْمَعْ مَعَنَا وَإِنْ شِئْتَ اذْهَبْ قَدْ رُخِّصَ لَنَا فِي اللَّهْوِ عِنْدَ الْعُرْسِ
हमका [अली बिन हुजर] सूचित कइके, उ कहिन; हम [शारीक] से [अबू इशाक] से [अमीर बिन सद] से संबंधित है, उ कहिन; मैं [कुरज़ह बिन का'ब] अऊर [अबू मसूद अल अंसारी] से एक शादी के पार्टी मा मिला। अऊर पता चला कि कईयो औरत गावत रहीं, तब हम कहेन; तुम दुइनौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दोस्त हौ, अऊर बदर के सदस्य हौ। का आपके सामने ई करब उचित है? तब उ कहिन; अगर तुम चाहत हौ तौ बइठौ अऊर हमरे साथ सुनौ, अऊर अगर तुम जाय चाहत हौ तौ जा, वाकई हमका शादी-ब्याह मा मनोरंजन मा राहत मिली है।