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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 2236

حَدَّثَنَا مُوسَى حَدَّثَنَا هَمَّامٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ يَهُودِيًّا رَضَّ رَأْسَ جَارِيَةٍ بَيْنَ حَجَرَيْنِ قِيلَ مَنْ فَعَلَ هَذَا بِكِ أَفُلَانٌ أَفُلَانٌ حَتَّى سُمِّيَ الْيَهُودِيُّ فَأَوْمَأَتْ بِرَأْسِهَا فَأُخِذَ الْيَهُودِيُّ فَاعْتَرَفَ فَأَمَرَ بِهِ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُضَّ رَأْسُهُ بَيْنَ حَجَرَيْنِ

हमसे कहिस है [मूसा] हमसे [हम्मम] से [कतादाह] से [अनस रदलियाल्लाहु अन्हू] बताइस है कि एक यहूदी रहा जे एक दास महिला के सिर का तब तक पकड़ लिहिस जब तक कि उ दुइ पत्थरन से लीक न होइ गवा। फिर पूछिन; तुम्हारे साथ ऐसा कौन किया, चाहे फलाना, फलाना, फलाना, कि यहूदी कहा जाय पर मुड़ी हिलावत है। अंत मा एक अउर यहूदी का लावा गा अऊर उ ई बात का स्वीकार किहिन, यहिसे पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आदेश दिहिन कि ई यहूदी के सिर का तब तक दबावा जाय जब तक कि उ दुइ पत्थरन से लीक न होइ जाय।