Sahnya haji anak kecil
Imam Nasa'i : 2597
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عُقْبَةَ عَنْ كُرَيْبٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ امْرَأَةً رَفَعَتْ صَبِيًّا لَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلِهَذَا حَجٌّ قَالَ نَعَمْ وَلَكِ أَجْرٌ
हमका [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] सूचित कइके, उ कहिन; हमका [यह्या] बताइस है, उ कहिन; हमसे [सुफयान] [मुहम्मद बिन उकबा] से [कुरैब] से [इब्न अब्बास] से कहिन है कि एक औरत रही जे आपन बच्चा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास पाला, कहत रहा; हे अल्लाह के रसूल ये बच्चा हज कर सकता है ? तौ उ कहिन: 'हाँ अऊर तोहका इनाम मिली'।