Imam Nasa'i : 2473
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ حَنْظَلَةَ عَنْ طَاوُسٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْمِكْيَالُ مِكْيَالُ أَهْلِ الْمَدِينَةِ وَالْوَزْنُ وَزْنُ أَهْلِ مَكَّةَ
सानु [अहमद बिन सुलेमान] दी जानकारी देंदे होए उन्हां ने आख्या; सानु [अबू नु'आइम] गी दस्सदे होई उने आखेआ; सानु [सुफयान] कूं [हंझाला] तों [थवस] तों [इब्न उमर] तों नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तों दस्सेया गया है, उन्हां ने आख्या: 'सही- नाप मदीना दे लोकां दा नाप है, ते -सही - पैमाना मक्का दे लोकां दा पैमाना है'।