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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 2459

أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ الْحَكَمِ بْنِ عُتَيْبَةَ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ مُخَيْمِرَةَ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُرَحْبِيلَ عَنْ قَيْسِ بْنِ سَعْدِ بْنِ عُبَادَةَ قَالَكُنَّا نَصُومُ عَاشُورَاءَ وَنُؤَدِّي زَكَاةَ الْفِطْرِ فَلَمَّا نَزَلَ رَمَضَانُ وَنَزَلَتْ الزَّكَاةُ لَمْ نُؤْمَرْ بِهِ وَلَمْ نُنْهَ عَنْهُ وَكُنَّا نَفْعَلُهُ

हमका [इस्माइल बिन मसूद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [यजीद बिन ज़ुराई'] कहिन है, उ कहिन; हमका [अल हकीम बिन उतैबा] से [अल कासिम बिन मुखैमिराह] से [अमरू बिन सुरहबिल] से [कैस बिन साद बिन उबदाह] से [स्यूबाह] रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; 'हम आशूरा का रोजा रखत रहेन अऊर जकात फितरह देत रहेन। रमदलान के बारे मा आयत अऊर जकात के दायित्व के प्रकट होए के बाद, हमका न तौ ओका पूरा करै का आदेश मिला अऊर न ही हमका ओका करै से मना कीन गा रहा, लेकिन हम ओका करत रहेन'।