Dengan membawa sedekah, beliau lalu mendo'akannya ALLAHUMMA SHALLI 'ALAIHIM
Imam Nasa'i : 2416
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا بَهْزُ بْنُ أَسَدٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ عَمْرُو بْنُ مُرَّةَ أَخْبَرَنِي قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي أَوْفَى قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَتَاهُ قَوْمٌ بِصَدَقَتِهِمْ قَالَ اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى آلِ فُلَانٍ فَأَتَاهُ أَبِي بِصَدَقَتِهِ فَقَالَ اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى آلِ أَبِي أَوْفَى
हमका [अमरू बिन यजीद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [बहज बिन असद] कहिन है, उ कहिन; हमसे कहिस है [शुबा] उ कहिस; [अमरू बिन मुर्रा] ने मोका सूचित किहिन है, उ कहिन; हम ['अब्दुल्लाह बिन अबू औफा] का कहत सुने रहेन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब एक लोग आपन जकात लइके आवत रहे, तौ उ प्रार्थना किहिन: 'हे अल्लाह, फलाने के परिवार पर रहम करौ'। तब अबू औफा अपनी जकात के साथ उनके पास आए, तो उन्होंने दुआ की: 'हे अल्लाह, अबू औफा के परिवार को रहम करौ'।