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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 2164

حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ الْفَضْلِ أَخْبَرَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ يَحْيَى سَمِعَ حَنْظَلَةَ الزُّرَقِيَّ عَنْ رَافِعٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكُنَّا أَكْثَرَ أَهْلِ الْمَدِينَةِ حَقْلًا وَكَانَ أَحَدُنَا يُكْرِي أَرْضَهُ فَيَقُولُ هَذِهِ الْقِطْعَةُ لِي وَهَذِهِ لَكَ فَرُبَّمَا أَخْرَجَتْ ذِهِ وَلَمْ تُخْرِجْ ذِهِ فَنَهَاهُمْ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिन है [शदकाह बिन अल फधोल] हमसे [इब्न 'उयैना] [यह्या] से कहिन है कि उ [रफी' रदलियाल्लाहु अन्हू] से [हंज़लाह अज जुराकी] का कहते सुने हैं: 'हम उ लोग हैं जिनके पास मदीना मा सबसे ज्यादा बगीचा हैं अऊर हमरे बीच कुछ लोग हैं जे खेतन मा काम करै के लिए लोगन का काम पर रखत हैं, अऊर ई मेरे लिए कहत हैं: ई आपके लिए है अऊर अगर ई उत्पादन नाहीं करत है तौ आपका ई नाहीं मिलत है। कुछ नै'। तौ फिर पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ई प्रथा का मना करिन'।