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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 1876

أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الزُّهْرِيُّ الْبَصْرِىُّ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو سَمِعَ جَابِرًا يَقُولُوَكَانَ الْعَبَّاسُ بِالْمَدِينَةِ فَطَلَبَتْ الْأَنْصَارُ ثَوْبًا يَكْسُونَهُ فَلَمْ يَجِدُوا قَمِيصًا يَصْلُحُ عَلَيْهِ إِلَّا قَمِيصَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أُبَيٍّ فَكَسَوْهُ إِيَّاهُ

हमका [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान अज़ जुहरी अल बशरी] सूचित करत हुए उ कहिन; हमका [सुफयान] ['अम्र] से बताइस रहा, उ [जाबिर] का कहत सुना; उ समय अब्बास मदीना मा रहे, अंसार लोग ओनके लिए पहनै के लिए कपड़ा माँगिन, लेकिन ओनके लिए अब्दुल्ला बिन उबय के कपड़ा के अलावा ओनके लिए योग्य कपड़ा नाइ मिला तौ ओनका पहिराइन।