Nabi menolak menshalatkan jenazah yang masih memiliki utang tanpa penanggung
Imam Bukhari : 2127
حَدَّثَنَا الْمَكِّيُّ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي عُبَيْدٍ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الْأَكْوَعِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكُنَّا جُلُوسًا عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذْ أُتِيَ بِجَنَازَةٍ فَقَالُوا صَلِّ عَلَيْهَا فَقَالَ هَلْ عَلَيْهِ دَيْنٌ قَالُوا لَا قَالَ فَهَلْ تَرَكَ شَيْئًا قَالُوا لَا فَصَلَّى عَلَيْهِ ثُمَّ أُتِيَ بِجَنَازَةٍ أُخْرَى فَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ صَلِّ عَلَيْهَا قَالَ هَلْ عَلَيْهِ دَيْنٌ قِيلَ نَعَمْ قَالَ فَهَلْ تَرَكَ شَيْئًا قَالُوا ثَلَاثَةَ دَنَانِيرَ فَصَلَّى عَلَيْهَا ثُمَّ أُتِيَ بِالثَّالِثَةِ فَقَالُوا صَلِّ عَلَيْهَا قَالَ هَلْ تَرَكَ شَيْئًا قَالُوا لَا قَالَ فَهَلْ عَلَيْهِ دَيْنٌ قَالُوا ثَلَاثَةُ دَنَانِيرَ قَالَ صَلُّوا عَلَى صَاحِبِكُمْ قَالَ أَبُو قَتَادَةَ صَلِّ عَلَيْهِ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَعَلَيَّ دَيْنُهُ فَصَلَّى عَلَيْهِ
हमरा सब क॑ कहलऽ गेलऽ छै कि [अल मक्की बिन इब्राहिम] न॑ हमरा सब क॑ [यजीद बिन अबी उबैद] क॑ [सलामह बिन अल अकवा’ रडियाल्लाहु अनहु] स॑ कहलकै कि हम्में एक बार नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ सभा म॑ बैठलऽ छेलियै जब॑ हुनका सामने एगो लाश पेश करलऽ गेलै आरू ओकरा बाद लोगऽ न॑ कहलकै कि ई लाश लेली प्रार्थना करऽ’ । तेँ ओ पुछलथिन: 'की एहि व्यक्ति पर कोनो कर्ज अछि?' ओ सभ कहलक: 'नहि'। तखन ओ फेर पुछलखिन: 'की ओ किछु छोड़ि गेलाह?' ओ सभ उत्तर देलक: 'नहि'। अंततः ओ शरीरक लेल प्रार्थना केलनि। तखन हुनका लग एकटा आओर लाश आनल गेल, तखन लोक सभ कहलक: 'हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, एहि शरीर पर बरकत करू'। तेँ ओ पुछलथिन: 'की एहि व्यक्ति पर कोनो कर्ज अछि?' उत्तर देलनि : 'हँ'। तखन ओ फेर पुछलखिन: 'की ओ किछु छोड़ि गेलाह?' ओ सभ उत्तर देलक: 'हँ, तीन दिनार धरि'। तेँ ओ कहलनि: 'अपन भाइ लेल प्रार्थना करू'। अबू कतादाह कहलनि जे, हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, दुआ करू, बाद मे हम ऋण उठा लेब’। त ओ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शरीर के लेल दुआ केलनि।