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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 193

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعَا بِإِنَاءٍ مِنْ مَاءٍ فَأُتِيَ بِقَدَحٍ رَحْرَاحٍ فِيهِ شَيْءٌ مِنْ مَاءٍ فَوَضَعَ أَصَابِعَهُ فِيهِ قَالَ أَنَسٌ فَجَعَلْتُ أَنْظُرُ إِلَى الْمَاءِ يَنْبُعُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ قَالَ أَنَسٌ فَحَزَرْتُ مَنْ تَوَضَّأَ مَا بَيْنَ السَّبْعِينَ إِلَى الثَّمَانِينَ

हमका बतावा गा है [मुसद्दाद] कहिन, हमका [हम्मद] से [त्साबित] से [अनस बिन मलिक] से बतावा गा है, कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पानी से भरे बर्तन लोगन के पास ले जाय के लिए कहा, तौ ओनका एक बड़ा बर्तन दीन गा अऊर उ बर्तन मा आपन हाथ रखिन। अनस कहिन, 'मैं जानबूझ के उनके उंगली के बीच से पानी निकलत देखिन'। अनस आगे कहिन, 'मोका संदेह है कि वहि समय वजू करै वाले लोगन के संख्या सत्तर से अस्सी के बीच रही'।