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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Tidak ada shalat bagi yang tidak membaca faatihatul kitab (Al-Fatihah), karena dia kurang dan tidak sempurna

इमाम नसाई : 899

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ الْعَلَاءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا السَّائِبِ مَوْلَى هِشَامِ بْنِ زُهْرَةَ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ صَلَّى صَلَاةً لَمْ يَقْرَأْ فِيهَا بِأُمِّ الْقُرْآنِ فَهِيَ خِدَاجٌ هِيَ خِدَاجٌ هِيَ خِدَاجٌ غَيْرُ تَمَامٍ

हमें [कुतैबा] को [मलिक] से [अल 'अला बिन 'अब्दुर्रहमान] से सूचित किया गया है कि उसने [अबू अस साइब] - मौला हिशाम बिन ज़ुहरा - को कहते सुना; मैंने [अबू हुरैरा] को कहते सुना; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "जो कोई भी उम्मुल कुरान (फातिहा पत्र) को पढ़े बिना नमाज़ पढ़ता है, वह कामिल नहीं है, वह कामिल नहीं है, वह कामिल नहीं है।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 6609, 6720, 6990, 7099, 7502, 7560, 7665, 7730, 9164, 9519, 9552, 9808, 9928, 19814, 21551, 21617, 21621, 21636, 21681, 21683, 21687, 21688, 21844, 22152, 23947, 25152
इमाम बुखारी : 714
इमाम मुस्लिम : 595, 596, 597, 598, 599
इमाम अबू दाऊद : 696, 697, 698, 699, 700, 701
इमाम तिर्मिदज़ी : 230, 286, 287, 288, 2877
इमाम नसाई : 899, 900, 901, 902
इमाम इब्नु माजा : 828, 829, 830, 831, 832, 3774
इमाम मलिक : 173, 174, 175, 176, 177, 178, 179
इमाम दरिमी : 1214, 1260