Imam Nasa'i : 626
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ هَمَّامِ بْنِ يَحْيَى عَنْ عَامِرِ بْنِ عَبْدِ الْوَاحِدِ حَدَّثَنَا مَكْحُولٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَيْرِيزٍ عَنْ أَبِي مَحْذُورَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْأَذَانُ تِسْعَ عَشْرَةَ كَلِمَةً وَالْإِقَامَةُ سَبْعَ عَشْرَةَ كَلِمَةًثُمَّ عَدَّهَا أَبُو مَحْذُورَةَ تِسْعَ عَشْرَةَ كَلِمَةً وَسَبْعَ عَشْرَةَ
सानु [सुवैद बिन नसर] दी जानकारी देंदे होए उन्हां ने आख्या; ने सानु [अब्दुल्लाह] ने [हम्माम बिन याह्या] तों [अमीर बिन अब्दुल वाहिद] तों [अब्दुल्लाह बिन मुहैरीज़] तों [अबू महजुराह] तों [अब्दुल्लाह] ने [अब्दुल्लाह बिन मुहैरीज़] तों [अबू महजुराह] तों [अब्दुल्लाह] ने दस्सेया है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: नमाज दी पुकार उन्नीस वाक्यां नाल मिलदी है। ते इकमाह च सत्तर वाक्य होंदे न। फिर अबू महजुराह ने उन्नीस वाक्य ते सत्रह वाक्य गिने।