Imam Bukhari : 1973
وَقَالَ لَنَا الْحُمَيْدِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ حَدَّثَنَا عَمْرٌو عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَكُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَكُنْتُ عَلَى بَكْرٍ صَعْبٍ لِعُمَرَ فَكَانَ يَغْلِبُنِي فَيَتَقَدَّمُ أَمَامَ الْقَوْمِ فَيَزْجُرُهُ عُمَرُ وَيَرُدُّهُ ثُمَّ يَتَقَدَّمُ فَيَزْجُرُهُ عُمَرُ وَيَرُدُّهُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِعُمَرَ بِعْنِيهِ قَالَ هُوَ لَكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِعْنِيهِ فَبَاعَهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هُوَ لَكَ يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ تَصْنَعُ بِهِ مَا شِئْتَقَالَ أَبُو عَبْد اللَّهِ وَقَالَ اللَّيْثُ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ خَالِدٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ بِعْتُ مِنْ أَمِيرِ الْمُؤْمِنِينَ عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ مَالًا بِالْوَادِي بِمَالٍ لَهُ بِخَيْبَرَ فَلَمَّا تَبَايَعْنَا رَجَعْتُ عَلَى عَقِبِي حَتَّى خَرَجْتُ مِنْ بَيْتِهِ خَشْيَةَ أَنْ يُرَادَّنِي الْبَيْعَ وَكَانَتْ السُّنَّةُ أَنَّ الْمُتَبَايِعَيْنِ بِالْخِيَارِ حَتَّى يَتَفَرَّقَا قَالَ عَبْدُ اللَّهِ فَلَمَّا وَجَبَ بَيْعِي وَبَيْعُهُ رَأَيْتُ أَنِّي قَدْ غَبَنْتُهُ بِأَنِّي سُقْتُهُ إِلَى أَرْضِ ثَمُودَ بِثَلَاثِ لَيَالٍ وَسَاقَنِي إِلَى الْمَدِينَةِ بِثَلَاثِ لَيَالٍ
अऊर कहिन, हमसे [अल हुमैद्य] हमसे कहिन हैं [सुफियान] हमसे [अमरू] से [इब्न उमर रदलीअल्लाहु अन्हुमा] कहिन हैं: 'हम एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे एक यात्रा पर रहेन जब हम उमर के जंगली ऊँट पर सवार रहेन। ऊँट के बच्चा हमेशा मोका पहिले रखत रहा -मोका सामने लाया-। तौ ऊ लाइन के आगे चल दिहिस, फिर उमर ओका चिल्ला के ओका वापस भेज दिहिस। लेकिन ऊ फिर से सामने गवा अऊर उमर फिर से झटका दिहिस अऊर ओका वापस भेज दिहिस। तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उमर से कहा: 'ऊंट का बछड़ा बेच दो'। उमर ने जवाब दिया: 'वह आपके लिए है, हे अल्लाह के रसूल'। ऊ कहिस: 'मोका बेचौ'। तो उमर ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम को बेच दिया, तब पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अब बछड़ा तुम्हारे लिए है, हे अब्दुल्लाह बिन उमर, तुम इससे जो चाहें कर सकत हैं'। अऊर अबू अब्दुल्ला अल बुखारी कहिन: 'अऊर लैट्स कहिन, ई मोका बतावा गा है कि अब्दुर्रहमान बिन खालिद इब्न शिहाब से सलीम बिन अब्दुल्ला से अब्दुल्लोह बिन उमर रदलियाल्लाहू अनहू से कहिन: 'मैं अमीरुल मुकमिनिन उथमान बिन अफ्फान का घाटी के रूप मा आपन संपत्ति घाटी के रूप मा ओनके संपत्ति के रूप मा बेच दिहेन। खैबर मा स्थित जमीन। हमरे लेनदेन करै के बाद, हम अपने मूल स्थान पर लौटि गयेन अऊर उनके घर से बाहर निकलेन काहे से कि हमका चिंता रही कि उ लेनदेन रद्द कइ देइहैं, काहे से कि ई सुन्नत का हिस्सा है कि लेनदेन करै वाले दुई मनई का तब तक वोट डारै का अधिकार है जब तक कि उ अलग न होइ जइहैं। अब्दुल्ला ने कहा: 'जब हमरे अऊर उनके बीच बिक्री अऊर खरीद कानूनी रूप से भै, तौ हमका लाग कि हम ओनके साथ अन्याय किहेन, कि हम ओनका थमूद के इलाका के -नजदीक- लइ आये रहेन जवन तीन रात दूर रहा, अऊर उ हमका मदीना के -नजदीक- लइ आवा रहा जवन तीन रात दूर रहा।