Tata cara wudhu Rasulullah: membasuh wajah, lengan, tiga kali kemudian mengusap kepala
Imam Bukhari : 185
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ قَالَ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ يَحْيَى عَنْ أَبِيهِ قَالَشَهِدْتُ عَمْرَو بْنَ أَبِي حَسَنٍ سَأَلَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ زَيْدٍ عَنْ وُضُوءِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَعَا بِتَوْرٍ مِنْ مَاءٍ فَتَوَضَّأَ لَهُمْ فَكَفَأَ عَلَى يَدَيْهِ فَغَسَلَهُمَا ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ وَاسْتَنْثَرَ ثَلَاثًا بِثَلَاثِ غَرَفَاتٍ مِنْ مَاءٍ ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَغَسَلَ يَدَيْهِ إِلَى الْمِرْفَقَيْنِ مَرَّتَيْنِ مَرَّتَيْنِ ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَمَسَحَ بِرَأْسِهِ فَأَقْبَلَ بِيَدَيْهِ وَأَدْبَرَ بِهِمَا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَغَسَلَ رِجْلَيْهِو حَدَّثَنَا مُوسَى قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ قَالَ مَسَحَ رَأْسَهُ مَرَّةً
हमसे कहिन [सुलेमान बिन हरब] कहिन, हमसे [वुहैब] से [अमरू बिन याह्या] से [अपने पिता] कहिन; हम एक बार अमरू बिन अबू हसन का [अब्दुल्ला बिन जैद] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के वजू के बारे मा पूछत देखेन। तब अब्दुल्ला ने पानी से भरा एक बर्तन मांगा, फिर उ ओनका देखाइस कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का वजू कैसे कीन जात है। फिर उ अपने हाथन के हथेलियन मा बर्तन से पानी डारि के तीन बार धोवै से शुरू किहिन। फिर आपन हाथ बर्तन मा डालौ, फिर ओकर मुँह कुल्ला करौ, फिर नाक मा पानी डालौ अऊर तीन घूंट से फिर से थूकौ। तब ऊ अपने हाथन का बर्तन मा डारि के तीन बार मुँह धोइस, फिर अपने हाथन का बर्तन मा डारि के दुइ बार कोहनी तक हाथ धोइस। फिर उ आपन हाथ बर्तन मा डारिन अऊर आपन हाथन से आपन माथा रगड़िन, उ आगे से पीछे शुरू किहिन फिर ओका फिर से लौटाइन -सामने के ओर-, फिर आपन हाथ बर्तन मा रखिन अऊर आपन गोड़ धोइन।' अऊर ई हमसे संबंधित रहा है [मूसा] कहिन, ई हमसे संबंधित रहा है [वुहैब] कहिन, 'उ एक बार आपन माथा रगड़िन'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 395, 402, 550, 995, 1137, 1255, 1279, 1907, 2291, 3126, 6923, 6999, 7405, 7419, 7731, 7847, 8223, 8843, 10300, 15785, 15836, 15850, 15864, 15872, 15876, 17172, 17469, 18063, 18064, 18217, 18218, 18221, 23956, 24239
Imam Bukhari : 137, 155, 156, 157, 159, 179, 180, 184, 185, 3052
Imam Muslim : 331, 347, 348, 349, 350, 351
Imam Abu Dawud : 120, 121, 122, 123, 2019
Imam Tirmidzi : 26, 45, 718
Imam Nasa'i : 83, 84, 85, 86, 87, 88, 89, 90, 91, 92, 94, 96, 97, 98, 99, 100, 101, 102, 114
Imam Ibnu Majah : 397, 398, 399, 400, 401, 402, 403, 428
Imam Malik : 30, 31
Imam Darimi : 693, 696, 697, 703, 740