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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 1542

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ مَرْثَدٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا بَعَثَ أَمِيرًا عَلَى جَيْشٍ أَوْصَاهُ فِي خَاصَّةِ نَفْسِهِ بِتَقْوَى اللَّهِ وَمَنْ مَعَهُ مِنْ الْمُسْلِمِينَ خَيْرًا وَقَالَ اغْزُوا بِسْمِ اللَّهِ وَفِي سَبِيلِ اللَّهِ قَاتِلُوا مَنْ كَفَرَ بِاللَّهِ وَلَا تَغُلُّوا وَلَا تَغْدِرُوا وَلَا تُمَثِّلُوا وَلَا تَقْتُلُوا وَلِيدًا فَإِذَا لَقِيتَ عَدُوَّكَ مِنْ الْمُشْرِكِينَ فَادْعُهُمْ إِلَى إِحْدَى ثَلَاثِ خِصَالٍ أَوْ خِلَالٍ أَيَّتُهَا أَجَابُوكَ فَاقْبَلْ مِنْهُمْ وَكُفَّ عَنْهُمْ وَادْعُهُمْ إِلَى الْإِسْلَامِ وَالتَّحَوُّلِ مِنْ دَارِهِمْ إِلَى دَارِ الْمُهَاجِرِينَ وَأَخْبِرْهُمْ أَنَّهُمْ إِنْ فَعَلُوا ذَلِكَ فَإِنَّ لَهُمْ مَا لِلْمُهَاجِرِينَ وَعَلَيْهِمْ مَا عَلَى الْمُهَاجِرِينَ وَإِنْ أَبَوْا أَنْ يَتَحَوَّلُوا فَأَخْبِرْهُمْ أَنَّهُمْ يَكُونُوا كَأَعْرَابِ الْمُسْلِمِينَ يَجْرِي عَلَيْهِمْ مَا يَجْرِي عَلَى الْأَعْرَابِ لَيْسَ لَهُمْ فِي الْغَنِيمَةِ وَالْفَيْءِ شَيْءٌ إِلَّا أَنْ يُجَاهِدُوا فَإِنْ أَبَوْا فَاسْتَعِنْ بِاللَّهِ عَلَيْهِمْ وَقَاتِلْهُمْ وَإِذَا حَاصَرْتَ حِصْنًا فَأَرَادُوكَ أَنْ تَجْعَلَ لَهُمْ ذِمَّةَ اللَّهِ وَذِمَّةَ نَبِيِّهِ فَلَا تَجْعَلْ لَهُمْ ذِمَّةَ اللَّهِ وَلَا ذِمَّةَ نَبِيِّهِ وَاجْعَلْ لَهُمْ ذِمَّتَكَ وَذِمَمَ أَصْحَابِكَ لِأَنَّكُمْ إِنْ تَخْفِرُوا ذِمَّتَكُمْ وَذِمَمَ أَصْحَابِكُمْ خَيْرٌ مِنْ أَنْ تَخْفِرُوا ذِمَّةَ اللَّهِ وَذِمَّةَ رَسُولِهِ وَإِذَا حَاصَرْتَ أَهْلَ حِصْنٍ فَأَرَادُوكَ أَنْ تُنْزِلَهُمْ عَلَى حُكْمِ اللَّهِ فَلَا تُنْزِلُوهُمْ وَلَكِنْ أَنْزِلْهُمْ عَلَى حُكْمِكَ فَإِنَّكَ لَا تَدْرِي أَتُصِيبُ حُكْمَ اللَّهِ فِيهِمْ أَمْ لَا أَوْ نَحْوَ هَذَاقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ النُّعْمَانِ بْنِ مُقَرِّنٍ وَحَدِيثُ بُرَيْدَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ مَرْثَدٍ نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ وَزَادَ فِيهِ فَإِنْ أَبَوْا فَخُذْ مِنْهُمْ الْجِزْيَةَ فَإِنْ أَبَوْا فَاسْتَعِنْ بِاللَّهِ عَلَيْهِمْ قَالَ أَبُو عِيسَى هَكَذَا رَوَاهُ وَكِيعٌ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ سُفْيَانَ وَرَوَى غَيْرُ مُحَمَّدِ بْنِ بَشَّارٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَهْدِيٍّ وَذَكَرَ فِيهِ أَمْرَ الْجِزْيَةِ

म्हानै बतायो गयो है [मुहम्मद बिन बसिस्यार] कह्यो, म्हानै बतायो गयो है ['अब्दुर्रहमान बिन महदी] सूं [सुफियान] सूं [अलकमा मर्तसाद] सूं [सुलेमान बिन बुरैदा] सूं [उणरै पिता] सूं उण कह्यो, 'अगर रसूलल्लाह शल्लाहु अलैही वसल्लम एक नेता भेज्यो है तो अल्लाह उणनै हमेशा भलाई री सलाह देवैला, मुसलमानां नै सलाह। बां कैयो- 'अल्लाह रै नाम माथै अर अल्लाह रै मारग माथै लड़ो, अल्लाह रै काफिरां सूं लड़ो, गनीमा री संपत्ति चोरी मत करो, धोखो मत करो, विकृत मत करो अर छोटा टाबरां नै मत मारो। जे थनै बहुदेववादी, थारा दुश्मन मिलै है, तो तीन चीजां नै बुलाओ। आं तीनूं कामां मांय सूं कोई भी काम वे करै, उणनै स्वीकार करो अर उणसूं लड़ो मत; बांनै इस्लाम धर्म अपनाबा रो आह्वान करो; आपरै देस सूं पलायन करण आळा लोगां री धरती माथै जावो - मुसलमान -; अर बांनै बताओ, जे बै करणो चावै है - हिजरात- तो बांनै वो ई मिलसी जको प्रवास कर चुक्या लोगां नै मिलसी अर बां माथै प्रवास कर चुक्या लोगां री तरै दायित्वां रो बोझ उठाणो पड़सी। पण जे वै प्रवास करण सूं मना कर देवैला तो बां रो हैसियत गांव रा अरबां री तरै हुय जावैला अर गांव रा अरबां माथै लागू कानून बां माथै लागू हुवैला। जद तांई वे जिहाद मांय शामिल नीं हुवै, बांनै गनीमा या फै` नीं मिलै, जे बै मना कर देवै तो बै अल्लाह सूं मदद मांगै अर लड़ै। अर जे थै किणी किले नै घेर लियो अर वे चावै है कै थै बांनै अल्लाह अर उणरै रसूल री तरफ सूं गारंटी देवो तो फेर ओ काम मत करो। पण बांनै आपरी गारंटी अर आपरै दोस्तां री गारंटी दे दो, क्यूंकै जे थै आपरी गारंटी या आपरै दोस्तां री गारंटी नै रद्द कर देवो तो अल्लाह अर उणरै रसूल री गारंटी नै रद्द करण सूं आछी बात है। जे थै किणी किले नै घेर लियो अर वे चावै है कै थै बांनै अल्लाह रै कानून रै मुजब सजा दो तो फेर ओ काम मत करो। पण बांनै आपरै कानून सूं दंडित करो। क्यूंकै थनै ओ कोनी मालूम कै थूं बांनै परमेश्बर रै नियम रै मुजब सजा दे सकै है के नीं'। कम-बेसी इणी भांत - पैगम्बर सल्लल्लाह अलाही वसल्लम ने कहा -। अबू ईसा कह्यो, 'इण अध्याय रै मांय अन नुमान बिन मुकाररीन री एक हदीस भी है। अर हदीस बुरैदा हसन प्रामाणिक है। म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन बसिस्यार] कह्यो, म्हानै बतायो है [अबू अहमद] सूं [सुफियान] सूं [अलकमह बिन मर्तसाद] इण हदीस नै इणरै अरथ रै साथै। पण उण हदीस मांय जोड़ दियो, 'अगर वे मना करै है तो बां सूं जिजिया ले लो, अर जे वे मना करै है तो अल्लाह सूं बां रै वास्तै मदद मांगो -लड़ाओ-''। अबू ईसा कह्यो, 'इयां ई है [वाकी'] अर इणरै अलावा [सुफियान] सूं हदीस सुणी। अर मुहम्मद बिन बसिसियार रै अलावा अब्दुर्रहमान बिन महदी सूं भी रिवायत करी है अर इण हदीस मांय जिजिया रो जिकर करियो है।