Nabi kembali dari suatu peperangan, haji atau umrah beliau memulainya dengan bertakbir sebanyak tiga kali, lalu mengucapkan: LAA ILAAHA ILLALLAH WAHDAHU LAA SYARIIKA LAHU, LAHUL MULKU WA…
Imam Bukhari : 1670
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا قَفَلَ مِنْ غَزْوٍ أَوْ حَجٍّ أَوْ عُمْرَةٍ يُكَبِّرُ عَلَى كُلِّ شَرَفٍ مِنْ الْأَرْضِ ثَلَاثَ تَكْبِيرَاتٍ ثُمَّ يَقُولُ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ آيِبُونَ تَائِبُونَ عَابِدُونَ سَاجِدُونَ لِرَبِّنَا حَامِدُونَ صَدَقَ اللَّهُ وَعْدَهُ وَنَصَرَ عَبْدَهُ وَهَزَمَ الْأَحْزَابَ وَحْدَهُ
हमसे कहा गा है [अब्दुल्लाह बिन यूसुफ] ने हमसे [मलिक] [नफी] से [अब्दुल्लाह बिन उमर रदलीअल्लाहु अन्हुमा] से कहा है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब युद्ध या हज या उमराह से लौटत रहें, तो उ पृथ्वी के हर पठार पर तीन बार तकबीर करत रहें अऊर फिर इलाहात करत रहें: इल्लाल्लाहु वहदाहु ला शरीइका लहु, लहुल मुलकु वा लहुल हमदू वा हुवा 'आला कुलि स्याईं कादीर। आयिबुना ता'बुना 'आबिदुना साजिदुना लि रब्बिना हमिदुन ॥ सदाकल्लाह व'दहु वा नशरा 'अब्दहु व हजमाल अहजाबा वदाह'। -अकेले अल्लाह के अलावा पूजा के लायक कोई भगवान नहीं है, उनके लिए कोई साथी नहीं है। सब राज्य अऊर स्तुति ओकरे पास है अऊर ओकरे पास सब चीजन पर शक्ति है। हम लौटत हैं, सेवकन के रूप मा जे पश्चाताप करत हैं, पूजा करत हैं, अपने प्रभु का प्रणाम करत हैं अऊर ओनके स्तुति करत हैं। अल्लाह अपने वादन पर सच्चा है, अपने सेवकन के मदद करत है अऊर अपने दुश्मनन का नाश करत है-'।