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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Abu Dawud : 4508

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ رِبْعِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا رَجُلٌ مَنْ بَنِي عَامِرٍأَنَّهُ اسْتَأْذَنَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ فِي بَيْتٍ فَقَالَ أَلِجُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِخَادِمِهِ اخْرُجْ إِلَى هَذَا فَعَلِّمْهُ الِاسْتِئْذَانَ فَقُلْ لَهُ قُلْ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ أَأَدْخُلُ فَسَمِعَهُ الرَّجُلُ فَقَالَ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ أَأَدْخُلُ فَأَذِنَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَخَلَحَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ أَبِي الْأَحْوَصِ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ رِبْعِيِّ بْنِ حِرَاشٍ قَالَ حُدِّثْتُ أَنَّ رَجُلًا مَنْ بَنِي عَامِرٍ اسْتَأْذَنَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَعْنَاهُ قَالَ أَبُو دَاوُد وَكَذَلِكَ حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ رِبْعِيٍّ وَلَمْ يَقُلْ عَنْ رَجُلٍ مِنْ بَنِي عَامِرٍ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ رِبْعِيٍّ عَنْ رَجُلٍ مَنْ بَنِي عَامِرٍ أَنَّهُ اسْتَأْذَنَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَعْنَاهُ قَالَ فَسَمِعْتُهُ فَقُلْتُ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ أَأَدْخُلُ

हमसे कहिन [अबू बकर बिन अबू स्याबा] कहिन, हमसे [अबुल अहवाह] [मंसूर] से [रिबि] कहिन; उ कहिन; हमसे [बानी अमीर के एक आदमी] बताइन है कि जब उ घरे रहे तौ उ एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अनुमति माँगिन। ऊ कहिस, 'का मैं भीतर आ सकत हउँ?' पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब अपने सेवक से कहिन: 'इ व्यक्ति से मिलौ अऊर ओका सिखावा कि इजाजत कैसे लीन जाय। ओसे कहौ कि 'अस्सलाम 'अलेकुम, का मैं अंदर आ सकत हउँ?' उ आदमी पैगम्बर के बात सुनत रहा जब तक कि उ कहिस, 'अस्लाम 'अलेकुम, का मैं अंदर आ सकत हउँ?' अंत मा पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इजाजत दी, अऊर उ अंदर चले गें'। हमका [हन्नाद बिन अस सारी] से [अबुल अह्वाश] से [मंसूर] से [रिब'इ बिन हिरासी] से कहिन है; [मुझे एक कहानी मिली] कि अमीर जनजाति का एक आदमी रहा जिसने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से इजाजत माँगी... तो उ हदीस के समान अर्थ के साथ बताई। अबू दाऊद ने कहा, 'वइसने, उ हमसे [मुसद्दाद] कहिन, उ हमसे [अबू अवाना] [मंसूर] से [रिब'ई] से कहिन अऊर उ 'अमीर के जनजाति के एक आदमी से' का जिक्र नाहीं किहिन। हमसे कहिन है [उबैदुल्लाह बिन मुआद्ज] कहिन, हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] कहिन हैं, हमसे [स्युबाह] से [मंसूर] से [रिबि] से [अमीर कुल के एक आदमी] से कहिन है कि उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अनुमति माँगिन, एकै अर्थ के साथ। उ कहिन, 'हम सुनेन कि उ का कहिन, त हम कहेन, 'अस्लाम अलैकुम, का हम अंदर आ सकित है? '