Imam Bukhari : 143
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ قَالَ حَدَّثَنِي عُقَيْلٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ أَزْوَاجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُنَّ يَخْرُجْنَ بِاللَّيْلِ إِذَا تَبَرَّزْنَ إِلَى الْمَنَاصِعِ وَهُوَ صَعِيدٌ أَفْيَحُ فَكَانَ عُمَرُ يَقُولُ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ احْجُبْ نِسَاءَكَ فَلَمْ يَكُنْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَفْعَلُ فَخَرَجَتْ سَوْدَةُ بِنْتُ زَمْعَةَ زَوْجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيْلَةً مِنْ اللَّيَالِي عِشَاءً وَكَانَتْ امْرَأَةً طَوِيلَةً فَنَادَاهَا عُمَرُ أَلَا قَدْ عَرَفْنَاكِ يَا سَوْدَةُ حِرْصًا عَلَى أَنْ يَنْزِلَ الْحِجَابُ فَأَنْزَلَ اللَّهُ آيَةَ الْحِجَابِحَدَّثَنَا زَكَرِيَّاءُ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ قَدْ أُذِنَ أَنْ تَخْرُجْنَ فِي حَاجَتِكُنَّ قَالَ هِشَامٌ يَعْنِي الْبَرَازَ
हमसे कहा गा है [यह्या बिन बुकैर] कहिन, हमसे बतावा गा है [अल लैट्स] कहिन, ई हमका बतावा गा है ['उकैल] से [इब्न शिहाब] से [उर्वाह] से [ऐस्याह], कि अगर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी शौच करय चाहत रहीं, तौ उ रात के जगह मा शौच करै के लिए बाहर जात रहीं। मैदान अऊर खुला मैदान। उमर ने एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहा कि 'हिजाबला तुम्हारी पत्नियाँ'। हालांकि, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अइसन नाहीं किहिन। फिर एक रात ईशा` सौदाह बिन्त ज़माह के दौरान, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी, खुद का राहत देय के लिए बाहर गईं। औ सौदा लंबी औरत है। उमर ने तब उनसे चिल्लाया, 'सचमुच हम तोहका जानित है, हे सौदा! ' उमर ने कहा कि काहे से कि उ हिजाब के आयत का प्रकट करै के बारे मा बहुत उत्साहित रहे। त अल्लाह तब हिजाब के आयत का प्रकट किहिन। हमसे कहिन है [जकारिया] कहिन, हमसे कहिन है [अबू उसामा] से [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से, उ कहिन: 'अल्लाह ने तोहका - पैगम्बर के पत्नियन का - आपन इच्छा पूरा करै के लिए बाहर जाय के अनुमति दिहिस है'। हिस्याम बोले, 'वहि शौच है'।