Tidak boleh berwasiat untuk ahli waris (larangan Nabi saw.)
Imam Abu Dawud : 3094
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ نَجْدَةَ الْحَوْطِيُّ حَدَّثَنَا ابْنُ عَيَّاشٍ عَنْ شُرَحْبِيلَ بْنِ مُسْلِمٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا أُمَامَةَ قَالَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ قَدْ أَعْطَى كُلَّ ذِي حَقٍّ حَقَّهُ فَلَا وَصِيَّةَ لِوَارِثٍ وَلَا تُنْفِقُ الْمَرْأَةُ شَيْئًا مِنْ بَيْتِهَا إِلَّا بِإِذْنِ زَوْجِهَا فَقِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَلَا الطَّعَامَ قَالَ ذَاكَ أَفْضَلُ أَمْوَالِنَا ثُمَّ قَالَ الْعَوَرُ مُؤَدَّاةٌ وَالْمِنْحَةُ مَرْدُودَةٌ وَالدَّيْنُ مَقْضِيٌّ وَالزَّعِيمُ غَارِمٌ
हमसे कहिन है [अब्दुल वहाब बिन नजदाह अल हौथी] हमसे [इब्नू अय्यासी] से [स्यूराहबिल बिन मुस्लिम] कहिन हैं; हम [अबू उमामह] का कहत सुने रहेन, 'हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'वास्तव मा, अल्लाह अज्जा व जल्ला ने हर एक का अधिकार दिहिस है जेकरे पास अधिकार है, एहसे वारिस के लिए कौनो इच्छा नाहीं है। अऊर एक औरत अपने घर से कुछौ खर्च नाहीं कइ सकत, सिवाय अपने पति के अनुमति के।' तब उनसे पूछा गया कि हे अल्लाह के रसूल खाना भी नहीं? उ जवाब दिहिन: 'वह हमार सबसे अच्छा खजाना है'। फिर उ कहिन: 'ऋण ओनके मालिकन का वापस करै का चाही, कुछौ जवन ओसे लाभान्वित होय के खातिर दीन गा है, ओकरे मालिक का वापस कीन जात है, कर्ज चुकावै का चाही, अऊर जिम्मेदार व्यक्ति उहै है जे जिम्मेदार है'।