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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Tidak ada zakat bagi yang tidak memenuhi nisab

Imam Bukhari : 1389

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى حَدَّثَنَا مَالِكٌ قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي صَعْصَعَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَيْسَ فِيمَا أَقَلُّ مِنْ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ صَدَقَةٌ وَلَا فِي أَقَلَّ مِنْ خَمْسَةٍ مِنْ الْإِبِلِ الذَّوْدِ صَدَقَةٌ وَلَا فِي أَقَلَّ مِنْ خَمْسِ أَوَاقٍ مِنْ الْوَرِقِ صَدَقَةٌقَالَ أَبُو عَبْد اللَّهِ هَذَا تَفْسِيرُ الْأَوَّلِ إِذَا قَالَ لَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ صَدَقَةٌ وَيُؤْخَذُ أَبَدًا فِي الْعِلْمِ بِمَا زَادَ أَهْلُ الثَّبَتِ أَوْ بَيَّنُوا

हमसे कहिन है [मुसद्दाद] हमसे कहिन है [यह्या] हमसे कहिन है [मलिक] कहिन, हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन अब्दुर्रहमान बिन अबू शशाआह] से [उनके पिता] से [अबू सैद अल खुदरी] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'पाँच फसल पर जकात से कम नहीं है, ऊँट पाँच सिर से कम अऊर संपत्ति -पैसा- पाँच वाक से कम पर जकात नाहीं। कहिन, अबू अब्दुल्ला अल बुखारी: 'ई प्रारंभिक व्याख्या है जब उ कहिन: "पांच वसक से कम के फसलन पर कौनो जकात नाहीं है"। फिर ज्ञान के मामलन मा मार्गदर्शक के रूप मा जवन उपयोग कीन जात है, उ हमेशा उहै होत है जवन कथाकारन द्वारा जोड़ा जात है जेका मजबूत होवे के लिए जाना जात है या जवन उई समझावत हैं।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 5412, 8853, 8864, 10606, 10823, 10977, 11138, 11144, 11147, 11272, 11323, 11386, 11392, 11494, 11495, 13646
Imam Bukhari : 1317, 1355, 1366, 1389
Imam Muslim : 1625, 1626, 1627, 1628, 1629
Imam Abu Dawud : 1332, 1333
Imam Tirmidzi : 568
Imam Nasa'i : 2402, 2403, 2428, 2429, 2430, 2431, 2437, 2439, 2440, 2441
Imam Ibnu Majah : 1783, 1784, 1789
Imam Malik : 513, 514
Imam Darimi : 1577, 1578