Imam Abu Dawud : 2186
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا مَهْدِيٌّ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي يَعْقُوبَ عَنْ الْحَسَنِ بْنِ سَعْدٍ مَوْلَى الْحَسَنِ بْنِ عَلِيٍّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ قَالَأَرْدَفَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَلْفَهُ ذَاتَ يَوْمٍ فَأَسَرَّ إِلَيَّ حَدِيثًا لَا أُحَدِّثُ بِهِ أَحَدًا مِنْ النَّاسِ وَكَانَ أَحَبُّ مَا اسْتَتَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِحَاجَتِهِ هَدَفًا أَوْ حَائِشَ نَخْلٍ قَالَ فَدَخَلَ حَائِطًا لِرَجُلٍ مِنْ الْأَنْصَارِ فَإِذَا جَمَلٌ فَلَمَّا رَأَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَنَّ وَذَرَفَتْ عَيْنَاهُ فَأَتَاهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَسَحَ ذِفْرَاهُ فَسَكَتَ فَقَالَ مَنْ رَبُّ هَذَا الْجَمَلِ لِمَنْ هَذَا الْجَمَلُ فَجَاءَ فَتًى مِنْ الْأَنْصَارِ فَقَالَ لِي يَا رَسُولَ اللَّهِ فَقَالَ أَفَلَا تَتَّقِي اللَّهَ فِي هَذِهِ الْبَهِيمَةِ الَّتِي مَلَّكَكَ اللَّهُ إِيَّاهَا فَإِنَّهُ شَكَا إِلَيَّ أَنَّكَ تُجِيعُهُ وَتُدْئِبُهُ
ई हमसे [मूसा बिन इस्माइल] बताइस है, ई हमसे [महदी] बताइस है, ई हमसे [इब्न अबू याकूब] [अल हसन बिन सद] अल हसन बिन अली के पूर्व गुलाम से, [अब्दुल्ला बिन जाफर] से कहिस है, उ कहिन; रसूलुल्लाह शाल्लल्लाहु वअलेहि वसल्लम एक दिन मोहि अपने पीछे सुअर के सवारी कराइन और फिर उइ मुझसे एक शब्द फुसफुसा के कहिन कि हम इंसानन से केहू से नाहीं बतायेन। अऊर जवन चीज रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अपनी जरूरतन का पूरा करै के लिए सबसे ज्यादा पसंद रहा, ऊ रहा ऊँच जमीन या हरे-भरे खजूर के पेड़। उ कहिन; तब ऊ एक अंसार मनई के बगीचा मा घुसा, तौ अचानक ऊँट आवा। जब ऊँट ने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा तो कराह उठी और उसकी आँखों से आँसू आ गए। तब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनके पास आए और उनके कान के पीछे हड्डी को रगड़ दिया, तब ऊंट चुप हो गया। तब बोले : 'यस ऊँट का मालिक किसका है ?' तब एक अंसार युवक आकर बोला; मैं अल्लाह के रसूल हौं। फिर उ कहिन: 'का तुम इन पशुधन के साथ काम करै मा अल्लाह से नाहीं डरत हौ जेका अल्लाह तुमका दिहिन हैं? दरअसल, ऊँट मुझसे शिकायत किहिस कि तुम ओका चोट पहुँचावा अऊर ओका थकावा दिहा'।