Imam Abu Dawud : 2124
حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ الْحَضْرَمِيُّ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ حَدَّثَنِي بَحِيرٌ عَنْ خَالِدٍ يَعْنِي ابْنَ مَعْدَانَ عَنْ ابْنِ أَبِي قُتَيْلَةَ عَنْ ابْنِ حَوَالَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَيَصِيرُ الْأَمْرُ إِلَى أَنْ تَكُونُوا جُنُودًا مُجَنَّدَةً جُنْدٌ بِالشَّامِ وَجُنْدٌ بِالْيَمَنِ وَجُنْدٌ بِالْعِرَاقِ قَالَ ابْنُ حَوَالَةَ خِرْ لِي يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنْ أَدْرَكْتُ ذَلِكَ فَقَالَ عَلَيْكَ بِالشَّامِ فَإِنَّهَا خِيرَةُ اللَّهِ مِنْ أَرْضِهِ يَجْتَبِي إِلَيْهَا خِيرَتَهُ مِنْ عِبَادِهِ فَأَمَّا إِنْ أَبَيْتُمْ فَعَلَيْكُمْ بِيَمَنِكُمْ وَاسْقُوا مِنْ غُدُرِكُمْ فَإِنَّ اللَّهَ تَوَكَّلَ لِي بِالشَّامِ وَأَهْلِهِ
हमसे [हैवाह बिन सूरैह अल हजरमी] बताइस है, हमसे [बकिया] बताइस है, हमका [बहिर] बताइस है, [खालिद] से अर्थात् इब्न म'दान [इब्नू अबू कुतैला] से [इब्नू हवालाह] से, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हालात तब तक है जब तक कि आप अलग-अलग सेना, सीरिया मा सैनिक, यमन मा सैनिक अऊर इराक मा सैनिक न बन जाय'। इब्न हवालाह ने कहा; मोर लिए -सबसे अच्छा जगह- चुनौ, हे अल्लाह के रसूल, अगर हमका ई मिल जात है! उ कहिन: 'तुमका शाम मा बसै का चाही काहे से कि सचमुच शाम अल्लाह के धरती मा सबसे चुना गा है, अल्लाह अपने चुना गा सेवकन का वहिके जाय खातिर चुनत है। लेकिन अगर तुम मना करब, तौ तुमका यमन मा रहब अऊर ओकरे झीलन से पीब चाही, काहे से कि निश्चय अल्लाह मोका सीरिया अऊर ओकरे निवासियन के भूमि के गारंटी दिहिस है।