Mu'awiyah memendekkan rambut Rasulullah dengan gunting di atas Marwah
Imam Abu Dawud : 1537
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ نَجْدَةَ حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ إِسْحَقَ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنِ خَلَّادٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى الْمَعْنَى عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي الْحَسَنُ بْنُ مُسْلِمٍ عَنْ طَاوُسٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ مُعَاوِيَةَ بْنَ أَبِي سُفْيَانَ أَخْبَرَهُ قَالَقَصَّرْتُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمِشْقَصٍ عَلَى الْمَرْوَةِ أَوْ رَأَيْتُهُ يُقَصِّرُ عَنْهُ عَلَى الْمَرْوَةِ بِمِشْقَصٍ قَالَ ابْنُ خَلَّادٍ إِنَّ مُعَاوِيَةَ لَمْ يَذْكُرْ أَخْبَرَهُ
हमसे [अब्दुल वहाब बिन नजदाह] से कहा गा है, हमसे [स्यूएब बिन इशाक] से [इब्न जुरैज] से बतावा गा है, हमसे [अबू बकर बिन खल्लाद] से कहा गा है, हमसे [यह्या] का सार्थक तरीका से बतावा गा है, [इब्न जुराय] से, बिन बिन अल से मुसलमान से मुसलमान तक रहा है। [थावस] [इब्न अब्बास] से कि [मुआविया बिन अबू सुफियान] ने उनसे कहा है, उ कहिन; हम मरवा के पहाड़ी पर एक तीर के तेज हिस्सा का उपयोग कइके पैगम्बर के बालन का छोटा किहिन, या हम ओनका मरवा के पहाड़ी पर एक तीर के तेज हिस्सा का उपयोग कइके बालन का छोटा करत देखेन। इब्न खल्लाद कहिन; सचमुच मुआविया.... उ उल्लेख नाहीं किहिन; ओका सूचित किहिन रहैं।