Imam Abu Dawud : 1334
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا صُرَدُ بْنُ أَبِي الْمَنَازِلِ قَالَ سَمِعْتُ حَبِيبًا الْمَالِكِيَّ قَالَقَالَ رَجُلٌ لِعِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ يَا أَبَا نُجَيْدٍ إِنَّكُمْ لَتُحَدِّثُونَنَا بِأَحَادِيثَ مَا نَجِدُ لَهَا أَصْلًا فِي الْقُرْآنِ فَغَضِبَ عِمْرَانُ وَقَالَ لِلرَّجُلِ أَوَجَدْتُمْ فِي كُلِّ أَرْبَعِينَ دِرْهَمًا دِرْهَمٌ وَمِنْ كُلِّ كَذَا وَكَذَا شَاةً شَاةٌ وَمِنْ كُلِّ كَذَا وَكَذَا بَعِيرًا كَذَا وَكَذَا أَوَجَدْتُمْ هَذَا فِي الْقُرْآنِ قَالَ لَا قَالَ فَعَنْ مَنْ أَخَذْتُمْ هَذَا أَخَذْتُمُوهُ عَنَّا وَأَخَذْنَاهُ عَنْ نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَذَكَرَ أَشْيَاءَ نَحْوَ هَذَا
हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बसिसियार] हमसे कहिन हैं [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह अल अंसारी], हमसे कहिन हैं [शुरद बिन अबू अल मनाजिल], उ कहिन; हम [हबीब अल मलिकी] का कहत सुने रहेन; एक आदमी इमरान बिन हुशैन से कहिस; हे अबू नुजैद, सचमुच आपने हमसे हदीस सुनाई हैं जिनका हमका कुरान मा कौनो आधार नाहीं मिलत है! त [इमरान] ऊ आदमी से कहिन; का तुम पावत हौ कि हर चालीस दिरहम मा एक दिरहम का जकात होत है, अऊर हर इतनी बकरी मा जकात एक बकरी होत है, अऊर हर इतने ऊंट मा जकात फलाना ऊँट होत है, का तुमका ई बात कुरान मा मिलत है? व्यक्ति जवाब दिहिस: नाहीं! इमरान फिर बोले : तो, तुमने किससे लिया ? आपने हमसे लिया और हमने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से लिया अऊर उ यहि तरह के अउर बातन का जिक्र किहिन।